Please wait
पदभार संभालते ही एक्शन में शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी, मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ पहली समीक्षा बैठक Sudhir wins historic ‘मन की बात’ में प्रधानमंत्री बोले ‘मुझे देश की युवा शक्ति पर बहुत गर्व है’ Sudhir wins historic पीओके भारत का अभिन्न अंग, पाकिस्तान से वार्ता हुई तो सिर्फ यही मुद्दा उठाया जाएगाः राजनाथ सिंह Sudhir wins historic पुरुलिया : रंगदारी वसूलने के आरोप में तृणमूल छात्र परिषद के जिलाध्यक्ष गिरफ्तार Sudhir wins historic पत्रकार हमला प्रकरण में मुख्यमंत्री का सख्त संदेश, गुंडा दमन कानून से कार्रवाई Sudhir wins historic एक करोड़ मुआवजा, केस वापस होंगे; प्रधान के इस्तीफे के साथ ही CJP का आंदोलन खत्म Sudhir wins historic छात्रों के आंदोलन के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने दिया इस्तीफा Sudhir wins historic हिमाचल प्रदेश के लाहौल स्पीति में पहाड़ी से गिरी चट्टान की चपेट में आई टाटा सुमो, 13 लोगों की मौत, दो घायल Sudhir wins historic सरकार के साथ वार्ता के बाद सीजेपी बोली- प्रधान के इस्तीफे पर कोई समझौता नहीं Sudhir wins historic सरकार के लिखित आश्वासन पर 26 दिनों बाद सोनम वांगचुक ने तोड़ा अनशन Sudhir wins historic

पुन: 'राइटर्स' में सरकार का मुख्यालय

रवींद्र जयंती पर शपथ और लाल कोठी में वापसी की तैयारी

05 May 2026

पुन: 'राइटर्स' में सरकार का मुख्यालय

कोलकाता। बंगाल की सत्ता में आए सियासी भूचाल के बाद अब राज्य की प्रशासनिक धुरी भी बदलने जा रही है। सचिवालय के गलियारों में चर्चा जोरों पर है कि भाजपा की नई सरकार हावड़ा के नबान्न को अलविदा कहकर फिर से ऐतिहासिक राइटर्स बिल्डिंग का रुख करने वाली है। ममता बनर्जी ने जिस राइटर्स को नवीनीकरण के नाम पर एक दशक पहले खाली कराया था, अब उसी लाल कोठी के दिन फिरने वाले हैं। 
सूत्रों की मानें तो 9 मई को रवींद्र जयंती के पावन अवसर पर नई सरकार का शपथ ग्रहण हो सकता है और इसी के साथ बंगाल की सत्ता उस ऐतिहासिक इमारत में लौटेगी, जो सदियों तक शासन का केंद्र रही है। सत्ता की आहट मिलते ही मंगलवार को राज्य लोक निर्माण विभाग (पीडब्लूडी) की एक विशेष टीम ने राइटर्स बिल्डिंग का मुआयना किया। हालांकि, बीते 13 सालों की धूल और अधूरे निर्माण ने इस इमारत को फिलहाल पूरी तरह काम के लायक नहीं छोड़ा है, लेकिन खबर है कि मुख्यमंत्री कार्यालय के लिए दूसरी मंजिल लगभग तैयार कर ली गई है। पहली मंजिल, जहाँ कभी मुख्यमंत्रियों का रसूख बोलता था, वहाँ अभी काम जारी है जिसे पूरा होने में करीब डेढ़ महीने का वक्त लग सकता है। तब तक के लिए लालदिघी क्षेत्र में ही एक अन्य इमारत को अस्थायी सचिवालय बनाने की योजना है, ताकि नई सरकार पहले दिन से ही अपनी हनक दिखा सके। साल 2013 की 5 अक्टूबर वह तारीख थी, जब ममता बनर्जी ने सचिवालय को नबान्न शिफ्ट कर राइटर्स बिल्डिंग के दरवाजों पर ताले डलवा दिए थे। वादा था छह महीने में लौटने का, लेकिन 13 साल बीत गए और राइटर्स की रौनक नहीं लौटी। 
अब भाजपा इसे केवल एक प्रशासनिक बदलाव नहीं, बल्कि अस्मिता और विरासत की बहाली के तौर पर देख रही है। 1777 में थॉमस लायन द्वारा डिजाइन की गई यह इमारत ब्रिटिश काल से लेकर आजादी के बाद तक सत्ता का पर्याय रही है। 5.5 लाख वर्ग फुट में फैला यह विशाल परिसर, जो कभी 6,000 कर्मचारियों की चहल-पहल से गूंजता था, अब एक बार फिर अपनी खोई हुई गरिमा पाने को बेताब है। 
सियासी विशेषज्ञों का मानना है कि नई सरकार नबन्ना की पहचान को पूरी तरह मिटाना चाहती है, क्योंकि वह इमारत तृणमूल शासन के प्रतीक के रूप में देखी जाती है। राइटर्स बिल्डिंग में वापसी करके भाजपा यह संदेश देना चाहती है कि बंगाल अब अपनी जड़ों और गौरवशाली इतिहास की ओर लौट रहा है। क्या उन लंबे और सन्नाटे भरे गलियारों में फिर से फाइलों की सरसराहट और अफसरों के जूतों की धमक सुनाई देगी? फिलहाल पीडब्ल्यूडी की भागदौड़ और कालीघाट से लालदिघी तक की हलचल तो यही इशारा कर रही है कि बंगाल का नया अध्याय अब उसी लाल कोठी से लिखा जाएगा जहाँ से कभी देश की किस्मत तय होती थी।

Comments

No comments to show. Log in to add some!

Other Relevant Stories


पुन: 'राइटर्स' में सरकार का मुख्यालय
रवींद्र जयंती पर शपथ और लाल कोठी में वापसी की तैयारी





Download The Taaza Tv App Now to Stay Updated on the Latest News!


play store download
app store download
app img


Breaking News